राजस्थान में “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने 16 असुरक्षित पैक्ड उत्पादों पर दो माह का राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाया।


जयपुर। जयपुर: प्रदेश में चलाए जा रहे “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टीम ने मई-जून 2026 के दौरान अलवर, जयपुर, जोधपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़, जालोर, राजसमंद, झुंझुनू, बीकानेर समेत विभिन्न जिलों में सघन छानबीन की. जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 16 असुरक्षित पैक्ड खाद्य पदार्थों पर दो महीने के लिए राज्यव्यापी प्रतिबंध लगा दिया गया है. साथ ही 13 खाद्य संस्थानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
इन पर लगाया 2 माह का प्रतिबंध
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभामंगला ने बताया कि प्रयोगशाला परीक्षण में असुरक्षित पाए गए इन उत्पादों में मधु सरस घी, डेरी ब्राइट घी, प्रेमा ब्रांड घी, वन्धु ब्रांड बफैलो व काऊ घी, मिल्क फैट (टोपर ब्रांड), सारस ब्रांड घी, श्री आहार ब्रांड घी, शुभ ब्रांड घी, डेयरी अनमोल ब्रांड घी, शगुन ब्रांड नमकीन, तानसेन ब्रांड पान मसाला और सोलंकी मिष्ठान भण्डार ब्रांड नमकीन शामिल हैं. इन सभी पर वितरण, विक्रय और प्रदर्शन पर दो महीने का प्रतिबंध रहेगा।
इनका हुआ लाइसेंस निलंबित
डॉ. टी. शुभामंगला ने बताया कि विभिन्न खाद्य पदार्थों के लूज नमूनों के असुरक्षित पाए जाने पर अलवर, जयपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़ आदि जिलों के कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं. इनमें गर्ग डेयरी, शकील पनीर भण्डार, KFC, शारदा इंटरप्राइजेज, गोदारा डेयरी, पारस मिल्क प्रोडक्ट्स जैसे कई प्रतिष्ठान शामिल हैं। अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। मई व जून माह 2026 के दौरान विभिन्न जिलों में सघन निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों की रिपोर्ट में अनेक प्रतिष्ठित ब्रांड्स के पैक्ड खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए गए हैं।

