भीलवाड़ा। गर्मी में आइसक्रीम, कुल्फी और इससे जुड़े उत्पादों की बढ़ती खपत को देखते हुए जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। अभियान के तहत मावा कुल्फी, आइसक्रीम, कुल्फी पाउडर और स्ट्रॉबेरी फ्लेवर जैसे उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण कर संदिग्ध नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए अजमेर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा के अनुसार गुरुवार को एक प्रतिष्ठान से मावा कुल्फी और कुल्फी के दो नमूने लिए गए, जबकि गंगापुर क्षेत्र के प्रतिष्ठानों से आइसक्रीम और कुल्फी पाउडर के नमूने संग्रहित किए गए। इसके बाद शुक्रवार को भीलवाड़ा शहर के एक प्रतिष्ठान से आइसक्रीम व कुल्फी के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान गोदाम में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया। मौके पर 500 एमएल की 28 बोतलों में एक्सपायरी फ्लेवर पाए जाने पर उसे तत्काल नष्ट भी करवाया गया।
हलेड़ रोड स्थित एक अन्य इकाई से भी आइसक्रीम का नमूना लिया गया। इसी क्रम में शनिवार को एक प्रतिष्ठान से स्ट्रॉबेरी फ्लेवर आइसक्रीम के सैंपल भी जुटाए गए। डॉ. शर्मा ने कहा कि नमूनों की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।