ब्यावर। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशों के अनुसार पूरे प्रदेश में’शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत ब्यावर में खाद्य सुरक्षा टीम ने 180 किलो घी सीज किया।
‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ के तहत ब्यावर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को सघन जांच अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों से घी, खाद्य तेल, दूध और मसालों के नमूने एकत्र किए।
जांच के दौरान कान्ता एजेंसी में करीब 100 किलोग्राम एक्सपायरी खाद्य सामग्री बरामद हुई, जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया।
वहीं, मिलावट की आशंका के चलते गोवर्धन ब्रांड के करीब 180 किलोग्राम घी को सीज कर दिया गया। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
कई प्रतिष्ठानों पर की गई जांच
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर तथा जिला कलेक्टर कमल राम मीणा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम ने शिवा किराणा स्टोर, बालाजी डेयरी, कान्ता एजेंसी और जानकीदास-घीसुलाल प्रतिष्ठानों का दौरा कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की।
100 किलो एक्सपायरी सामग्री मौके पर नष्ट
निरीक्षण के दौरान कान्ता एजेंसी में कई अनियमितताएं सामने आईं। प्रतिष्ठान पर लगभग 100 किलोग्राम अवधि पार (एक्सपायरी) खाद्य सामग्री मिली, जिसमें पनीर, टोस्ट, चॉकलेट सहित अन्य खाद्य उत्पाद शामिल थे। विभागीय टीम ने स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन सभी उत्पादों को मौके पर ही नष्ट करवाया।
180 किलो गोवर्धन घी सीज, नमूने जांच के लिए भेजे
कान्ता एजेंसी से गोवर्धन ब्रांड घी का नमूना भी लिया गया। मिलावट की आशंका को देखते हुए प्रतिष्ठान में मौजूद करीब 180 किलोग्राम घी को सीज कर दिया गया। विभाग द्वारा एकत्र किए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए अजमेर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अखबार में पैक खाद्य सामग्री का उपयोग नहीं करे
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत ने आमजन से अखबार में पैक खाद्य सामग्री का उपयोग नहीं करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अखबार की स्याही में हानिकारक रसायन और भारी धातुएं मौजूद हो सकती हैं, जो भोजन के संपर्क में आने पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन जाती हैं। इससे कैंसर, तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों के साथ किडनी और लीवर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। उन्होंने लोगों को केवल फूड ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करने की सलाह दी।
लगातार अभियान रहेगा जारी, रेस्टोरेंटों की होगी जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नारायण सिंह ने बताया कि जिले में विशेष खाद्य शुद्धता अभियान लगातार जारी रहेगा। आगामी चरण में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, कैफे, फल एवं सब्जी विक्रेता, मिर्च-मसाला विक्रेता, तेल व्यापारी तथा अनाज और सब्जी मंडियों का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
