भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को 2 साल बढ़ाने और उनके वेतन में वृद्धि की मंजूरी दी है। यह जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 27 जून 2023 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
मुख्य बिंदु
- अग्निपथ योजना का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को 4 साल का कार्यकाल पूरा करेगा।
- सेवा अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 6 साल किया जाएगा।
- 25% अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा।
- 75% अग्निवीरों को 2 साल का सेवा विस्तार और वेतन वृद्धि मिलेगी।
- 2 साल के बाद इच्छुक और योग्य अग्निवीरों को नियमित भर्ती का मौका मिलेगा।
अग्निपथ योजना और सेवा विस्तार का विवरण
14 जून 2022 को शुरू हुई अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस अवधि को दो साल बढ़ाकर कुल छह साल करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब यह है कि लगभग 75% अग्निवीर, जिन्हें मध्य नवंबर 2026 में सेवा से मुक्त किया जाना था, वे अब दो साल और सेवा देंगे।
इस सेवा विस्तार के दौरान उन्हें बढ़ा हुआ वेतन और सेवा निधि भी मिलेगी। वहीं, 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा, जैसा पहले निर्धारित था।
क्या कहते हैं CDS और अग्निवीरों के प्रदर्शन के बारे में क्या जानकारी मिली?
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि फील्ड कमांडरों से अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। चार साल के दौरान उनकी शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और हौसले सभी उच्च स्तर के रहे हैं। साथ ही, लगभग 30% अग्निवीर परिचालन क्षेत्रों में तैनात हैं।
अग्निवीरों की संख्या और भविष्य की भर्ती प्रक्रिया
पहले बैच में कुल 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे, जिनमें से लगभग 19,000 थल सेना, 2,850 वायु सेना और 2,550 नौसेना के सदस्य हैं। इनमें से 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक पूरा होना था, जिन्हें अब दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा।
सेवा विस्तार की अवधि के बाद, जो अग्निवीर इच्छुक होंगे और चयन मापदंडों पर खरे उतरेंगे, उन्हें नियमित सशस्त्र बलों में भर्ती होने का मौका मिलेगा।
यह निर्णय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सेवा विस्तार अग्निवीरों के लिए आर्थिक और कैरियर के लिहाज से राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उनकी सेवा अवधि बढ़ेगी, बल्कि वेतन में वृद्धि और सेवा निधि से भी उन्हें लाभ होगा। साथ ही, नियमित भर्ती का अवसर मिलने से उनकी स्थिरता और भविष्य के अवसर बेहतर होंगे।
स्रोत: jansandeshtimes.in


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