घी-पनीर में मिलावट, मसालों में हानिकारक पदार्थों की आशंका; मिर्चीबड़ा-कचौरी तलने में भी दो-दो दिन तक इस्तेमाल हो रहा तेल
जोधपुर। आपकी थाली में पहुंचने वाला घी, दूध, पनीर और मसाले कितने शुद्ध हैं? खाद्य सुरक्षा विभाग की पिछले तीन वर्षों की जांच के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2024 से 2026 तक लिए गए 2,566 नमूनों में से 2,401 की जांच रिपोर्ट आई। इनमें 431 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। यानी जांच किए गए नमूनों में करीब 18 प्रतिशत फेल पाए गए, जबकि 165 नमूनों की रिपोर्ट अभी लंबित है।
33 नमूने स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित
जांच में फेल हुए नमूनों में 33 स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए। वहीं, 384 नमूनों में गुणवत्ता मानकों की कमी मिली। इसके अलावा 10 नमूनों में नियमों का उल्लंघन और चार में गलत लेबलिंग या पैकिंग से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। इन आंकड़ों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पनीर और घी के नमूनों में सबसे ज्यादा खामियां
विभाग की जांच में पनीर के 91 और घी के 89 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा दही-लस्सी के 52, दूध के 50, मिठाइयों के 59, मसालों के 44 और खाद्य तेल के 25 नमूनों में भी गड़बड़ियां सामने आईं। मसालों और खाद्य तेल के कुछ नमूने स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित भी पाए गए।
घी में दूसरे तेल, पनीर में स्टार्च की मिलावट का खतरा
खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में घी में वनस्पति वसा या पाम ऑयल, पनीर में स्टार्च अथवा गैर-दुग्ध वसा और मसालों में सस्ते पदार्थ मिलाने जैसी आशंकाएं सामने आती हैं। लाल मिर्च में कृत्रिम रंग या अन्य पदार्थ और हल्दी में अवांछित रंग मिलाने से भी खाद्य गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसी मिलावट का पता केवल रंग, स्वाद या खुशबू से लगाना आसान नहीं होता।
दो-दो दिन तक एक ही तेल में तल रहे मिर्चीबड़ा-कचौरी
जोधपुर की पहचान मिर्चीबड़ा, कचौरी और समोसे जैसे चटपटे व्यंजनों से है। शहर में इनकी दुकानों पर रोजाना बड़ी संख्या में नमकीन तैयार किए जाते हैं। लेकिन एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। कुछ दुकानों पर दो-दो दिन तक एक ही तेल में मिर्चीबड़ा और कचौरी तलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने समय-समय पर दुकानों पर जांच कर तेल के इस्तेमाल से जुड़ी गड़बड़ियां पकड़ी हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
त्योहारों के दौरान घी, दूध, पनीर, मावा, मिठाइयों और मसालों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी और भी जरूरी हो जाती है। सीएमएचओ प्रथम डॉ. एसएस शेखावत के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है और त्योहारों के दौरान विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को पैकिंग, लेबल, निर्माण एवं समाप्ति तिथि और विश्वसनीय विक्रेता का ध्यान रखना चाहिए। किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत की जा सकती है।


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