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रविवार, 1 नवंबर 2026
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पार्ट-2: आखिर कौन चाहता है कि चोटिला दरगाह आना बंद कर दें जायरीन?

शौचालयों की बदहाल स्थिति, पानी और साफ-सफाई का अभाव, अधूरा पड़ा मुख्य दरगाह का निर्माण कार्य; दरगाह कमेटी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालचोटिला। दरगाह पर आने वाले जायरीनों को बुनियादी सुविधाएं तक…

पार्ट-2: आखिर कौन चाहता है कि चोटिला दरगाह आना बंद कर दें जायरीन?
पार्ट-2: आखिर कौन चाहता है कि चोटिला दरगाह आना बंद कर दें जायरीन?

शौचालयों की बदहाल स्थिति, पानी और साफ-सफाई का अभाव, अधूरा पड़ा मुख्य दरगाह का निर्माण कार्य; दरगाह कमेटी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

चोटिला। दरगाह पर आने वाले जायरीनों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पिछले पार्ट में हमने बताया था कि आवागमन के पर्याप्त साधनों और अन्य सुविधाओं के अभाव में दरगाह पर जायरीनों की आवाजाही प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। अब शौचालयों की बदहाली, साफ-सफाई की कमी और मुख्य दरगाह का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा रहने जैसे मुद्दे दरगाह की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर दरगाह कमेटी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि कमेटी के पदाधिकारियों की ओर से जायरीनों की सुविधाओं और दरगाह के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन समस्याओं का समाधान कब होगा और जायरीनों को राहत कब मिलेगी?

शौचालयों की हालत बदतर, बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशानी

जब कोई जायरीन सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर परिवार के साथ यहा  पर पहुंचता है, तो कम से कम बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा तो की ही जाती है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए शौचालय, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। लेकिन चोटिला दरगाह में इन सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है।

मुख्य सड़क के पास बने पुराने शौचालय कॉम्प्लेक्स पर अक्सर ताला लगा रहने की शिकायत सामने आती है। यदि यह खुला भी मिलता है, तो वहां पानी की कमी और गंदगी की समस्या बताई जाती है। वहीं, दरगाह के सामने नवनिर्मित शौचालय की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। आम लोगों का आरोप हैं कि वहां न तो पर्याप्त पानी उपलब्ध है और न ही साफ-सफाई का उचित इंतजाम है।

ऐसे हालात में जायरीनों को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है। परिवार के साथ आने वाले लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी असुविधाजनक हो जाती है।

सवाल यह है कि जब पीर दूल्हे शाह बाबा की दरगाह पर आने वाले जायरीनों के लिए शौचालय और स्वच्छता जैसी जरूरी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, तो इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? क्या दरगाह कमेटी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस योजना बनाई है?

आठ वर्ष से अधिक समय बीता, फिर भी अधूरी पड़ी मुख्य दरगाह

दरगाह के विकास कार्यों की स्थिति भी सवालों के घेरे में है। मुख्य दरगाह के आसपास वाले परिसर को हटाकर नए निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन आठ वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद मुख्य दरगाह का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।

इस अवधि में आठ बार से ज्यादा उर्स का आयोजन भी हो चुका है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इतने वर्षों में दरगाह के विकास और निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए क्या प्रयास किए गए?

दरगाह उर्स में प्राप्त होने वाले दुकानों के किराये, चंदे और लोगों की ओर से दिए जाने वाले दान की राशि को लेकर भी पारदर्शिता की मांग उठ रही है। हालांकि, इन मदों से कितनी राशि प्राप्त हुई और उसका कितना हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च किया गया, इसका स्पष्ट विवरण जल्द हम आपके सामने रखेंगे।

यदि दरगाह को नियमित रूप से चंदा और दान प्राप्त होता है, तो निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और उसके अधूरे रहने के कारणों की जानकारी जायरीनों तथा आम लोगों को दी जानी चाहिए। आखिर आठ वर्षों से अधिक समय में भी मुख्य दरगाह का निर्माण पूरा क्यों नहीं हो पाया? क्या बजट की कमी है, प्रशासनिक अड़चन है या फिर कार्यप्रणाली में कोई खामी है? इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।

क्या व्यवस्थाओं की अनदेखी से दूर हो रहे हैं जायरीन?

दरगाह में सुविधाओं की कमी, शौचालयों की बदहाली, पानी और साफ-सफाई की समस्या तथा निर्माण कार्य में देरी जैसे मुद्दे जायरीनों के अनुभव को प्रभावित करते हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो दरगाह पर आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता रहेगा।

ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि दरगाह कमेटी के पदाधिकारी जायरीनों की सुविधाओं और दरगाह के विकास को लेकर कितने गंभीर हैं? क्या कमेटी इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करेगी?

सवाल अब भी वही है—आखिर चोटिला दरगाह पर आने वाले जायरीनों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है? क्या संबंधित जिम्मेदार इन समस्याओं का समाधान करेंगे या फिर जायरीन इसी तरह अव्यवस्थाओं के बीच आने को मजबूर रहेंगे?

दरगाह के विकास और सुविधाओं को लेकर आप भी हमारी आवाज बने अगर आप भी कुछ कहना चाहते हो तो आपका नाम और अपनी बात को लिखकर हमे इन नंबरों पर भेजे।

9799921111

https://mahekasansar.com/article/akhir-kaun-chahata-hai-ki-chotila-daragah-ana-band-kar-den-jayarin

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इम्तियाज़ अहमद · प्रधान संपादक

इम्तियाज़ अहमद अधिस्वीकृत पत्रकार है पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे एवं जनता के मुद्दों को सिर्फ प्रकाशित ही नहीं करते उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयासरत रहते है।…

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