कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के नेता अजीत महता को 29 अक्टूबर की रात गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ के दौरान पश्चिम बंगाल के एक पूर्व मंत्री का नाम जांच में सामने आया है। महता पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से नौकरी दिलाने के लिए 10 लाख रुपये वसूले थे।
पूर्व मंत्री का नाम जांच में शामिल
राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अजीत महता ने कबूल किया कि जिस व्यक्ति को नौकरी दिलाने का वादा किया गया था, उसकी सिफारिश पश्चिम बंगाल के एक पूर्व मंत्री ने की थी। यह पूर्व मंत्री झारग्राम जिले से हैं, जो महता का भी गृह जिला है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक उस पूर्व मंत्री का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "इस समय इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता क्योंकि मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है।"
महता के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अभी तक पूर्व मंत्री का नाम नहीं है, लेकिन पूछताछ में उनका नाम आने के कारण जांच अधिकारियों ने इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी है।
भर्ती के पैसे वसूलने का आरोप
अजीत महता पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल वन विभाग और पश्चिम बंगाल पश्चिम क्षेत्रीय विकास विभाग से जुड़ी भर्तियों के नाम पर एक व्यक्ति से करीब 10 लाख रुपये लिए थे। यह रकम उन्होंने कई किश्तों में वसूली।
सजल दास नाम के शख्स की शिकायत पर महता को गिरफ्तार किया गया था। दास ने आरोप लगाया कि पैसे देने के बावजूद उसे वादा की गई नौकरी नहीं मिली। साथ ही, जब उसने नौकरी या पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
जांच अभी जारी
पुलिस मामले की जांच कर रही है और अभी कई पहलुओं की पुष्टि होनी बाकी है। पूर्व मंत्री का नाम उजागर न होने के कारण उनके खिलाफ जांच की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- अजीत महता को 29 अक्टूबर की रात गिरफ्तार किया गया।
- पूछताछ में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री का नाम सामने आया।
- 10 लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर वसूले गए।
- शिकायतकर्ता सजल दास ने धमकी मिलने की बात कही।
स्रोत: kharinews.com


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