अंबेडकरनगर में 1 नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आजम खान की गिरफ्तारी के लिए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। राजभर ने आजम खान के खिलाफ ईडी की कार्रवाई और केजीएमयू धर्मांतरण मामले पर भी प्रतिक्रिया दी।
ईडी की कार्रवाई और जौहर यूनिवर्सिटी का मामला
ओम प्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आजम खान के खिलाफ ईडी की कार्रवाई समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किए गए कामों की सजा है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के भवन निर्माण में जिस सरकारी जमीन का उपयोग हुआ, उसके खर्चों का हिसाब रखना चाहिए था। राजभर ने कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें वह जमीन विद्यालय के नाम करवा लेनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने सरकारी संपत्तियों पर बने अवैध भवनों को गिराने का आदेश दिया है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में सरकार की कोई गलती नहीं है।
अखिलेश यादव पर आरोप और गिरफ्तारी की वजह
ओपी राजभर ने साफ किया कि आजम खान की गिरफ्तारी के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी ने आजम को गिरफ्तार किया होगा। राजभर ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए अखिलेश और उनके साथियों ने जो लूटपाट की है, उसी के कारण वे और आजम खान दोनों पकड़े जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस केस में आजम खान और गायत्री प्रजापति जेल में हैं, उसी केस में अखिलेश यादव बाहर क्यों हैं।
केजीएमयू धर्मांतरण मामले पर ओपी राजभर की टिप्पणी
ओम प्रकाश राजभर ने केजीएमयू धर्मांतरण मामले की जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। राजभर ने यह भी बताया कि अपराधी किसी भी जगह से हो सकते हैं, गांव हो या शहर। उन्होंने कहा कि लोग जिस संस्कृति को मानते हैं, उसे बढ़ावा देते हैं, और जब ऐसी गतिविधियां सामने आती हैं, तो जांच होती है और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
भगवान राम के जन्मस्थान को लेकर एस.टी. हसन के बयान पर प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के नेता एस.टी. हसन के भगवान राम के जन्मस्थान को लेकर दिए गए बयान पर ओपी राजभर ने कहा कि आरोप लगाने से पहले हसन को ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया और देश जान चुका है कि भगवान राम कहां पैदा हुए थे। राजभर ने कहा कि हसन अगर पढ़े-लिखे नहीं हैं तो उन्हें फिर से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के लोग ‘रामायण’ धारावाहिक देखकर इस विषय में जानकारी प्राप्त कर चुके हैं, जबकि हसन केवल मदरसे में उर्दू पढ़ते हैं और उनकी पढ़ाई इतनी ही है। अगर उनकी पढ़ाई अच्छी होती तो उन्हें सही जानकारी होती।
स्रोत: kharinews.com


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।