नई दिल्ली। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) से जुड़े व्यापारियों ने 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक के रामलीला मैदान में होने वाली 'दिल्ली चलो' रैली के खिलाफ कमला बाजार में पोस्टर लगाकर विरोध जताया। व्यापारियों ने रैली के कारण संभावित वित्तीय नुकसान को लेकर चिंता व्यक्त की है।
व्यापारियों की चिंताएं और पोस्टर अभियान
पोस्टरों पर लिखा था, 'राजनीति के बाजार में मोहब्बत की दुकान बंद मत कीजिए।' इसका उद्देश्य लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से रैली के स्थान को बदलने की अपील करना था। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में आयोजित की जा रही है।
सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने आईएएनएस से बताया कि उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीन बार पत्र भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसलिए रामलीला मैदान के पास पोस्टर अभियान शुरू किया गया ताकि उन्हें संदेश दिया जा सके कि "कृपया राजनीति के बाजार में हमारी 'मोहब्बत की दुकान' बंद न करें।"
व्यापार पर संभावित असर
गोयल ने कहा कि ये दुकानें लगभग 300 साल पुरानी हैं और शाम से ही यहां दहशत फैल गई है। दुकानदार और माल परिवहन से जुड़े लोग चिंता में हैं कि रैली के कारण लोडिंग और अनलोडिंग प्रभावित होगी या नहीं।
उन्होंने बताया कि अगर बैरिकेडिंग के कारण दुकानदारों को दुकान बंद करनी पड़ी, तो दिल्ली के कारोबार को 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा।
गोयल ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और वे लोकतंत्र में विरोध के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन इस विरोध के समय और स्थान पर आपत्ति है।
त्योहारों के मौसम में नुकसान की आशंका
गोयल ने त्योहारों के मौसम का हवाला देते हुए कहा कि धनतेरस के केवल चार दिन बचे हैं। चांदनी चौक से लेकर करोल बाग तक के मुगल कालीन दुकानों का कारोबार प्रभावित होगा, जिसमें माल परिवहन भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उनके पिछले पत्रों पर ध्यान नहीं दिया है, इसलिए वे फिर से उनसे अपील कर रहे हैं कि "हमारी 'मोहब्बत की दुकान' को बंद न करें।"
अन्य नेताओं को भी पत्र भेजा गया
सीटीआई ने इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, और शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी पत्र लिखकर 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक में रैली आयोजित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
प्रमुख तथ्य
- रैली 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक के रामलीला मैदान में होगी।
- सीटीआई के व्यापारियों ने रैली के कारण वित्तीय नुकसान की चिंता जताई।
- राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीन बार पत्र भेजे गए, कोई जवाब नहीं मिला।
- व्यापारियों ने रैली के समय और स्थान को लेकर आपत्ति जताई।
- व्यापार को 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने का अंदेशा है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
दिल्ली में होने वाली बड़ी राजनीतिक रैली के कारण व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा है। त्योहारों के मौसम में इस तरह का नुकसान स्थानीय व्यापार और माल परिवहन को प्रभावित कर सकता है। यह स्थिति राजनीतिक आयोजनों और आर्थिक गतिविधियों के बीच संतुलन की जरूरत को दर्शाती है।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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