चार दिन पूर्व उच्चाधिकारी को भी दी गई थी शिकायत, निर्देशों के बावजूद नहीं रुका पेयजल का रिसाव; नई सड़क क्षतिग्रस्त होने की आशंका
जोधपुर। शहर के मुख्य बनाड़ रोड स्थित जोधपुर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले करीब एक माह से पेयजल का हजारों लीटर पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है, लेकिन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों की ओर से अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। एक ओर आमजन पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के चलते कीमती पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। इस मामले को लेकर अक्षय गहलोत ने विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अक्षय गहलोत के अनुसार, इस समस्या से चार दिन पूर्व SC जोधपुर सिटी राजेंद्र मेहता को भी अवगत करवाया गया था। उन्होंने मामले पर निराशा जताते हुए तत्काल आवश्यक निर्देश देने की बात कही थी। इसके बावजूद पानी का रिसाव बंद नहीं होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उच्चाधिकारी तक शिकायत पहुंच चुकी है, तो आखिर संबंधित अधिकारी समस्या का समाधान क्यों नहीं करवा रहे हैं?
एक माह से पानी की बर्बादी, विभागीय मॉनिटरिंग पर सवाल
अक्षय गहलोत ने कहा कि यह मामला केवल पाइपलाइन लीकेज तक सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय जवाबदेही का भी विषय है। पिछले एक माह से लगातार पानी बहने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब आमजन को पेयजल की प्रत्येक बूंद बचाने की सलाह दी जाती है, तब विभाग की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
नई सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका
उन्होंने बताया कि मुख्य बनाड़ रोड पर लंबे इंतजार के बाद नई सड़क का निर्माण हुआ है, लेकिन लगातार बहते पानी से सड़क के क्षतिग्रस्त होने और गहरे गड्ढे बनने की आशंका है। यदि समय रहते लीकेज बंद नहीं किया गया, तो सरकारी धन से बनी सड़क को दोबारा नुकसान पहुंच सकता है और वाहन चालकों सहित आमजन को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
अक्षय गहलोत ने PHED नांदड़ी के AEN राकेश गहलोत एवं JEN विनोद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में कभी वॉल्व लीकेज तो कभी सप्लाई पाइपलाइन से पानी निकलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ माह पूर्व डाली गई पाइपलाइन की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और लेवलिंग की भी जांच होनी चाहिए। यदि जांच में खामियां या अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
लाइनमैन की शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
अक्षय गहलोत ने बताया कि स्थानीय स्तर पर लाइनमैन की ओर से भी चार से पांच बार समस्या के बारे में अधिकारियों को अवगत करवाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद लीकेज ठीक नहीं होना विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत सुनना और निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौके पर समस्या का समाधान करवाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
अक्षय गहलोत और पार्षद जितेंद्र पाल सिंह ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
अक्षय गहलोत एवं वार्ड 79 के पार्षद जितेंद्र पाल सिंह ने विभाग से मांग की है कि मुख्य बनाड़ रोड पर पेयजल लीकेज को तत्काल बंद करवाया जाए। पिछले एक माह से हो रही पानी की बर्बादी के मामले में विभागीय जवाबदेही तय की जाए। हाल ही में डाली गई पाइपलाइन की गुणवत्ता, तकनीकी स्थिति एवं लेवलिंग की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों की निगरानी एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सड़क को संभावित नुकसान से बचाने के लिए जरूरी मरम्मत एवं सुरक्षा उपाय तत्काल करने की भी मांग की।
अक्षय गहलोत ने कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब एक माह से पानी व्यर्थ बह रहा है और उच्चाधिकारी को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है, तब भी समाधान नहीं होना व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब जनता को आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर ठोस कार्रवाई चाहिए, ताकि पेयजल की बर्बादी रुकने के साथ नई सड़क को भी सुरक्षित रखा जा सके।



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