भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 6 सितंबर को सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। यह फैसला गुवाहाटी में बीसीसीआई की महिला क्रिकेट टीम की रिव्यू मीटिंग के अगले दिन लिया गया।
कप्तानी छोड़ने का कारण और प्रक्रिया
हरमनप्रीत की कप्तानी छोड़ने की घोषणा बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद हुई, जिसमें टीम के कोच अमोल मजूमदार और उप-कप्तान स्मृति मंधाना भी शामिल थीं। स्मृति मंधाना के टीम की अगली कप्तान बनने की संभावना जताई जा रही है।
हरमनप्रीत का कप्तानी में सफर
37 साल की हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। बाद में 2022 में वनडे टीम की कप्तान बनीं और 2023 में सभी फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की। उनके नेतृत्व में टीम ने एशिया कप और एशियन गेम्स का खिताब जीता था। इसके अलावा, 2025 में घरेलू मैदान पर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
टी20 वर्ल्ड कप में मिली हार और कप्तानी छोड़ने का फैसला
हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। कप्तानी छोड़ते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि वह खेलना जारी रखेंगी और टीम को जितना देना था, वह दे चुकी हैं।
हरमनप्रीत का इंस्टाग्राम पोस्ट और फैंस की प्रतिक्रिया
“आज, मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम (BCCI) की सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हूं। हालांकि यह फैसला आसान नहीं है। इसमें बरसों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।”
हरमनप्रीत के इस फैसले के बाद उनके फैंस में उदासी देखी जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं साझा की हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- हरमनप्रीत ने 2016 से 2023 तक कप्तानी की।
- उनकी अगुवाई में टीम ने एशिया कप, एशियन गेम्स और 2025 वनडे वर्ल्ड कप जीता।
- टी20 वर्ल्ड कप में टीम को हार मिली।
- फिलहाल कप्तानी के लिए स्मृति मंधाना को माना जा रहा है।
स्रोत: jansandeshtimes.in


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