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बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
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चुराह में ओलावृष्टि से मटर की फसल पर संकट, केलांग-कुकुमसेरी में पारा शून्य से नीचे

हिमाचल में 23 अक्तूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान; ऊना 33.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म, शिमला में सुबह-शाम बढ़ी ठंड

चुराह में ओलावृष्टि से मटर की फसल पर संकट, केलांग-कुकुमसेरी में पारा शून्य से नीचे
धूप खिलने के बाद शिमला के रिज मैदान पर घूमते लोग (फोटो: अमर उजाला)

हिमाचल प्रदेश में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में शनिवार शाम करीब चार बजे अचानक मौसम बदला और खजुआ व सेईकोठी पंचायत के औला क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई। खेतों में ओलों की सफेद परत बिछ गई, जिससे खड़ी मटर की फसल को नुकसान की आशंका है और किसान चिंतित हैं।

उधर, हाल की बर्फबारी के बाद जनजातीय क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ गया है। केलांग और कुकुमसेरी में लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया, जबकि ताबो में पारा शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इन इलाकों में रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

राजधानी शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार को धूप खिली रही, हालांकि शिमला में सुबह-शाम ठंडक बढ़ गई है। शनिवार को ऊना 33.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। बिलासपुर में 29.5, कांगड़ा में 28.6, मंडी में 28.0, धर्मशाला में 25.0, सोलन में 24.6, शिमला में 20.8 और मनाली में 19.5 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 23 अक्तूबर तक प्रदेश के सभी हिस्सों में मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान है। वहीं चुराह के प्रभावित किसानों की नजरें अब फसल नुकसान के आकलन पर टिकी हैं।

स्रोत: अमर उजाला

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संपादकीय टीम · Maheka Sansar

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