केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की रैली पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। नड्डा ने इस रैली को ‘‘मूर्खतापूर्ण और सुनियोजित ड्रामा’’ बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस के राजनीतिक पतन के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
रैली को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि इस विरोध प्रदर्शन के पीछे एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को अराजकता और अव्यवस्था में बदलना है। उन्होंने कहा, "आज रामलीला मैदान में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र का सम्मान नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को अराजकता और अव्यवस्था के हवाले करने की एक सोची-समझी साजिश है।"
1984 के सिख-विरोधी दंगों का जिक्र
नड्डा ने 1 नवंबर के दिन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला और शर्मनाक दिन है। उन्होंने कहा, "इसी दिन कांग्रेस के संरक्षण में गुंडों ने निर्दोष सिख भाइयों का कत्लेआम किया था और हजारों सिख परिवार रातों-रात बेघर हो गए।" नड्डा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि इस रैली का आयोजन सिख भाइयों के जख्मों पर नमक छिड़कने के लिए किया गया।
कांग्रेस से माफी मांगने की मांग
नड्डा ने कहा कि यह रैली उन लोगों का नाटक है जिन्हें जनता बार-बार नकार चुकी है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी आप 1 नवंबर के काले इतिहास को छिपा नहीं सकते और दिल्ली के व्यापारियों के आंसुओं का जवाब नहीं दे सकते।" उन्होंने कांग्रेस से सिख-विरोधी दंगों के लिए माफी मांगने को कहा।
बीजेपी ने हरि नगर में विरोध मार्च निकाला
इसी दिन बीजेपी ने पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर में सिख-विरोधी दंगों के खिलाफ विरोध मार्च का आयोजन किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मार्च का नेतृत्व किया और कहा कि 1984 में हुई हिंसा कोई अचानक भड़का दंगा नहीं, बल्कि सुनियोजित नरसंहार था। इस मार्च में दिल्ली बीजेपी के कई नेता और सिख समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए और माफी की मांग की।
स्रोत: livetimes.news


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