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बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
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जैसलमेर के रेगिस्तान में सेना का अखंड प्रहार-2 अभ्यास, आधुनिक युद्ध क्षमता परखी

ब्लैक मेस ब्रिगेड और बैटल एक्स डिवीजन ने बहु-आयामी युद्ध परिस्थितियों में किया एकीकृत अभ्यास, कोणार्क कोर कमांडर ने की सराहना

जैसलमेर के रेगिस्तान में सेना का अखंड प्रहार-2 अभ्यास, आधुनिक युद्ध क्षमता परखी
जैसलमेर में अभ्यास के दौरान टैंकों के बीच सैन्य अधिकारी (फोटो: अमर उजाला)

भारतीय सेना की ब्लैक मेस ब्रिगेड और बैटल एक्स डिवीजन ने जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाके में अभ्यास अखंड प्रहार-2 का आयोजन किया। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित युद्ध प्रणालियों, नई रणनीतियों और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखकर सेना की युद्ध तैयारियों को और मजबूत करना था।

इससे पहले हुए अखंड प्रहार-1 की सफलता के बाद दूसरे चरण में नई पीढ़ी के उपकरणों और बल वर्धकों के समन्वित इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। अभ्यास के दौरान सैन्य टुकड़ियों ने जटिल और बहु-आयामी परिस्थितियों में एकीकृत युद्धाभ्यास किए, जिनमें अलग-अलग लड़ाकू दस्तों के बीच तालमेल और वास्तविक समय में सूचनाओं के आदान-प्रदान की जांच की गई।

रेगिस्तान की कठिन परिस्थितियों में सैनिकों ने विभिन्न सैन्य अभियानों को सटीकता से अंजाम देने का प्रदर्शन किया। सेना के अनुसार आज के युद्ध में सही समय पर रणनीतिक समन्वय, परिस्थितियों की सटीक जानकारी और तेज निर्णय निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक क्षमताओं के साथ उभरती तकनीकों को जोड़ा जा रहा है।

कोणार्क कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एवीएस राठी ने अभ्यास में शामिल टुकड़ियों की तकनीकी दक्षता, परिचालन उत्कृष्टता और तैयारियों की सराहना की। उन्होंने नवाचार, निरंतर प्रशिक्षण और समन्वित सैन्य कार्रवाई को भविष्य की जरूरत बताया।

सेना का मानना है कि यथार्थवादी परिस्थितियों में ऐसे अभ्यास पश्चिमी सीमा से सटे रेगिस्तानी क्षेत्रों में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाते हैं।

स्रोत: अमर उजाला

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