डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को भारी शुल्क लगाने की धमकी दी थी, जिससे युद्ध रुका। इसके अलावा, ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर निराशा जताई।
ट्रंप ने भारत-पाक युद्ध रोकने का श्रेय लिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में मध्यावधि चुनाव की रैली में कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष को रोकने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि यदि लड़ाई जारी रही तो उन पर भारी शुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, "दोनों परमाणु हथियारों से लैस देश गुस्से में थे, लेकिन गोलीबारी रोक दी गई।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस संघर्ष में 11 विमान मार गिराए गए थे।
250 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी
ट्रंप ने कहा, "मैंने भारत और पाकिस्तान को कहा कि अगर वे संघर्ष जारी रखते हैं तो अमेरिका के साथ व्यापार करने में असमर्थ रहेंगे। मैंने कहा कि मैं 250 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दूंगा ताकि वे कारोबार न कर सकें।" उन्होंने बताया कि दोनों देश बहुत परेशान और गुस्से में थे, लेकिन अंततः गोलीबारी रोक दी गई और संघर्ष खत्म हो गया।
ट्रंप ने कहा, "मैंने इन सभी युद्धों को रुकवाया, और यह मेरे लिए सम्मान की बात है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रयास में उन्हें संयुक्त राष्ट्र से कोई मदद नहीं मिली और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को एक फोन तक नहीं किया। ट्रंप ने बताया कि जब वह राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि इतने सारे युद्ध हो रहे हैं।
नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर निराशा
ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने अपने नाम आठ युद्धों को सुलझाने का श्रेय भी दिया है। फ्लोरिडा की रैली में ट्रंप ने कहा, "मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं। क्या मुझे नोबेल पुरस्कार मिला? नहीं।"
भारत-पाक संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया था।
ट्रंप के दावों पर भारत की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि मई में भारत-पाक युद्ध रोकने में उनकी धमकी प्रभावी रही। हालांकि भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता के इस दावे को खारिज किया है। भारत का कहना है कि 10 मई को दोनों देशों के सैन्य महानिदेशकों के बीच सीधे बातचीत से संघर्ष रोकने पर सहमति बनी थी। साथ ही भारत ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान अमेरिका के साथ व्यापार या शुल्क से जुड़ी कोई बातचीत नहीं हुई थी।


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