अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ईरान के लिए होर्मुज जलसंधि पर नियंत्रण कायम करना आसान हो गया है। ट्रंप की हार के चलते अब होर्मुज को खोलने के लिए उनका मिशन लगभग असंभव दिख रहा है, जिससे ईरान का क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ेगा।
ट्रंप की हार से ईरान का मिशन मजबूत
ट्रंप न केवल चुनाव हार गए, बल्कि अब उनके लिए ईरान के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाना भी कठिन होगा। मिडटर्म चुनाव की हार ने उन्हें संविधान की सीमाओं में बांध दिया है, जिससे युद्ध जैसे फैसले लेना मुश्किल हो गया है। इसी कारण होर्मुज को खुलवाने की उम्मीदें कम हो गई हैं।
ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि होर्मुज जलसंधि में उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज नहीं गुजर सकता। ट्रंप की हार के बाद माना जा रहा है कि ईरान का नियंत्रण यहां स्थायी होगा। ओमान और ईरान के बीच पहले से समझौता भी हो चुका है।
ईरान होर्मुज में टोल वसूलने की योजना पर कायम
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने तय किया है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाएगा। उनके सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने कहा है कि ईरान होर्मुज पर कोई और रास्ता नहीं खुलने देगा और अगर अमेरिका गैर-कानूनी तरीके से युद्धपोत भेजता है तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
हाल ही में होर्मुज में लगातार धमाके हो रहे हैं, जिसमें तेल टैंकर समुद्री माइंस से टकरा रहे हैं। मंगलवार को तीन टैंकर माइंस से टकराए और उनमें आग लग गई। ईरानी रक्षाबल इरान इस बात का दावा करता है कि माइंस के कारण ही ये हादसे हुए।
होर्मुज में ईरान की बढ़ती सैन्य ताकत
ईरान ने समुद्र में गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई है जिसमें रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड्स, लिम्पेट माइंस और पानी में चलने वाले ड्रोन शामिल हैं। इसके साथ ही ईरान की स्पीड बोट्स भी होर्मुज में जहाजों को घेरने लगी हैं।
अमेरिका ने होर्मुज के लिए अलग रूट बनाया था और सुरक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान की इजाजत के बिना होर्मुज से गुजरना खतरनाक है।
ईरान ने अमेरिकी ड्रोन और MQ-9 रीपर नष्ट किए
ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत करते हुए अमेरिका के 55 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। इसके अलावा चार जासूसी ड्रोन भी ईरान ने जब्त किए हैं। ईरान ड्रोन को हैक कर सुरक्षित जमीन पर उतार रहा है, जिससे उसकी तकनीकी पकड़ मजबूत हो रही है।
भारत समेत कुछ देशों को होर्मुज रूट में विशेष छूट
ईरान और ओमान के बीच तैयार योजना के अनुसार, भारत, चीन, इराक और कतर के लिए होर्मुज में विशेष छूट रहेगी। इन देशों के जहाज बिना रोक-टोक इस मार्ग से गुजर सकेंगे, जबकि बाकी देशों को टोल चुकाना होगा।
ट्रंप की हार से होर्मुज पर ईरान का दबदबा बढ़ने की संभावना है, जिससे यह क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बन गया है।
स्रोत: tv9hindi.com


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।