मुंबई में तुषार गांधी का आंदोलन
नई दिल्ली, 1 नवंबर। महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुंबई में श्रृंखलाबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत सत्याग्रह के तरीके पर कॉर्पोरेशन ऑफिस से मंत्रालय तक तिरंगा संविधान पदयात्रा करेंगे।
पदयात्रा की योजना और पुलिस प्रतिबंध
तुषार गांधी ने बताया कि पदयात्रा कॉर्पोरेशन ऑफिस के बाहर फिरोजशाह मेहता की प्रतिमा से शुरू होकर रीगल सिनेमा सर्कल, फिर बाबा साहेब की प्रतिमा और अंत में मंत्रालय के निकट पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी की प्रतिमाओं तक जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन व्यक्तिगत सत्याग्रह की परंपरा का पालन करता है।
हालांकि, पुलिस ने इसे प्रतिबंधित क्षेत्र बताया और पदयात्रा को रोकने की कोशिश की। तुषार गांधी ने कहा कि छुट्टी का दिन होने के कारण किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन वे डरेंगे नहीं और आंदोलन करेंगे। पुलिस ने कहा है कि वे आजाद मैदान के आगे एक कदम भी नहीं जाने देंगे।
आंदोलन की जरूरत और सरकार का रुख
तुषार गांधी ने बताया कि लोकतंत्र बचाने के लिए लंबी लड़ाई में यह श्रृंखलाबद्ध आंदोलन जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों का मन सरकार के खिलाफ मुड़ चुका है, खासकर महाराष्ट्र में भाजपा के दिग्गज नेताओं की हार से यह दिखता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सत्ता बचाने के लिए आंदोलनों को बदनाम करने में लगी है और प्रदर्शनकारियों को अराजकता फैलाने वाला बताती है। तुषार गांधी के अनुसार, पिछले आंदोलनों में असली अराजकता भाजपा समर्थकों की ओर से ही फैली।
चुनाव व्यवस्था और बैलेट पेपर की मांग
तुषार गांधी ने चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि अगर चुनाव के पहले नतीजे तय कर लिए जाते हैं तो बैलेट पेपर हो या ईवीएम, सिस्टम को चुनौती देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को खारिज करने के लिए इन चुनावों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार की प्रतिक्रियाएं और नागरिकों की चिंता
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने सत्ता के लिए आंदोलनकारियों को गुमराह कर रही है और प्रदर्शन को अराजकता के रूप में दिखा रही है। तुषार गांधी ने बताया कि सरकार ने कनॉट प्लेस में दुकानों को जबरन बंद करवाया और ठेले हटवाए ताकि आंदोलन की सफलता की झूठी तस्वीर पेश कर सके।
उन्होंने कहा कि सरकार को नागरिकों की चिंता नहीं है, केवल सत्ता से चिपके रहने की चिंता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- तुषार गांधी ने 1 नवंबर को मुंबई में तिरंगा संविधान पदयात्रा की घोषणा की।
- पदयात्रा कॉर्पोरेशन ऑफिस से मंत्रालय तक जाएगी, कई ऐतिहासिक प्रतिमाओं के समक्ष होगी।
- पुलिस ने इसे प्रतिबंधित क्षेत्र बताया और रोकने की कोशिश की।
- तुषार गांधी ने लोकतंत्र बचाने के लिए लंबी श्रृंखलाबद्ध आंदोलन की जरूरत बताई।
- उन्होंने चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाए और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर चर्चा की।
स्रोत: kharinews.com


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