उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का विस्तार
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे युवाओं और महिलाओं को शामिल करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। यह अभियान विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का पंचायत और नगरीय निकाय सूचियों से मिलान कर पात्र नागरिकों की पहचान करेगा। साथ ही, राशन दुकानों, शैक्षणिक संस्थानों और महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से नए मतदाताओं का पंजीकरण कराया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण चलाया जाएगा। इस दौरान 18 से 19 वर्ष के युवाओं और उन महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिनके नाम मतदाता सूची में अभी तक नहीं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों को सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची से छूटे लोगों की पहचान कैसे होगी?
मतदाता सूचियों का पंचायत और नगरीय निकाय सूचियों से मिलान कर ऐसे नागरिकों को पहचाना जाएगा जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। जिनका नाम कहीं भी पंजीकृत नहीं है, उनका फॉर्म-6 भरवाकर नाम दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
इसके अलावा, खाद्य एवं रसद विभाग के सहयोग से राशन कार्ड धारकों में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों का सत्यापन किया जाएगा। जो नाम सूची में नहीं होंगे, उनकी पहचान कर फॉर्म-6 के माध्यम से नाम दर्ज कराया जाएगा।
शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों की भूमिका
युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लबों (Electoral Literacy Clubs) को सक्रिय किया जाएगा। विशेष रूप से कक्षा नौ और उससे ऊपर के 18-19 वर्ष के छात्रों की पहचान कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शैक्षणिक संस्थानों के ईएलसी को-ऑर्डिनेटर के साथ मिलकर मिशन मोड में अभियान चलाएंगे।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
महिला मतदाताओं को बढ़ावा देने के प्रयास
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम है। इसे सुधारने के लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से विशेष प्रयास किए जाएंगे। आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर उन महिलाओं की पहचान करने की जिम्मेदारी दी जाएगी जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। उनका फॉर्म-6 भरवाकर पंजीकरण कराया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इस अभियान में सहयोग मिलेगा। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य पंचायत, निकाय, राशन कार्ड, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी तंत्र के बीच समन्वय स्थापित कर सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है।
यह अभियान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अभियान उत्तर प्रदेश के चुनावों में अधिकतम पात्र मतदाताओं को वोटिंग प्रक्रिया में शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे मतदाता सूची अधिक समावेशी होगी और युवाओं तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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