नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इस यात्रा के जरिए विपक्ष पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगा रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (SP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस अभियान पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा का लोकतंत्र बचाने का दावा
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज कुमार पांडे ने बताया कि भाजपा ने हर बार लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध किया है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने और चुनी हुई सरकारों को गिराने का आरोप लगाया। पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकालेगी। उनका कहना था कि भाजपा लोकतंत्र को कमजोर नहीं होने देगी।
समाजवादी पार्टी ने भाजपा के अभियान को ड्रामा बताया
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा के इस अभियान को दिखावा और ड्रामा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का संविधान और लोकतंत्र से कोई वास्ता नहीं है। उनके अनुसार, जो लोग लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करते रहे हैं, वे अब इसे बचाने का ढोंग कर रहे हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा पर जनआक्रोश का असर बताया
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मनोज पांडे ने भी भाजपा के अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों से सत्ता में रहने वाली पार्टी का लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क पर उतरना हास्यास्पद है। उन्होंने पूछा कि अगर लोकतंत्र खतरे में है तो इसकी जिम्मेदारी सत्ताधारी दल की भी है। उन्होंने दावा किया कि देश में बढ़ता जनआक्रोश भाजपा पर भारी पड़ रहा है।
यह राजनीतिक बयानबाजी भाजपा के अभियान और विपक्ष की प्रतिक्रिया के बीच जारी है। फिलहाल इस मुद्दे पर आगे क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी।
Created On : 3 Nov 2026 1:19 PM IST
स्रोत: bhaskarhindi.com


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