पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में एक नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होने जा रहा है। इस बार पर्यटकों को जंगल की सैर अनुभवी नेचर गाइड ही कराएंगे। रिजर्व प्रशासन ने गाइडों के चयन की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए लिखित परीक्षा की व्यवस्था खत्म कर दी है।
पिछले पर्यटन सत्रों में लिखित परीक्षा कराकर वरीयता क्रम के आधार पर गाइड चुने जाते थे। अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो पहले भी पीटीआर में नेचर गाइड के रूप में काम कर चुके हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसे गाइड जंगल के रास्तों, वन्यजीवों की गतिविधियों और पर्यटन क्षेत्र को बेहतर तरीके से समझते हैं।
पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए 100 नेचर गाइड और 100 सफारी वाहन चालकों का आठ दिन का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पुणे से आए विशेषज्ञ उन्हें पर्यटकों से संवाद, वन्यजीवों की जानकारी और सफारी के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और बाघों की मौजूदगी के लिए देश-दुनिया में पहचाना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां जंगल सफारी के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि प्रशिक्षित गाइड और चालक पर्यटकों को अधिक सुरक्षित और प्रामाणिक अनुभव दे सकेंगे, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्रोत: अमर उजाला


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