पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में अक्सर नेताओं और रसूखदार लोगों को वीआईपी सुविधा मिलती है, लेकिन पूर्व बर्धमान जिले के मेमारी में इस बार वीआईपी की परिभाषा ही बदल दी गई है। यहां के भाजपा विधायक मानव गुहा ने बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष वीआईपी पास शुरू किए हैं, ताकि उन्हें मां दुर्गा के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े।
विधायक का कहना है कि उनके लिए असली वीआईपी वे लोग हैं जो शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता से जूझ रहे हैं, या इतने उम्रदराज हैं कि देर तक खड़े नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि कई जगह पूजा के दौरान पुलिस प्रशासन वीआईपी कार्ड जारी करता है, और उसी तर्ज पर ऐसा कार्ड शुरू करने का विचार उनके मन में था, जिसे अब लागू किया गया है।
ये पास विधायक कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और केवल पात्र लोगों को ही मिलेंगे। कार्ड के जरिये पूरे परिवार को एक साथ प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि अगर कोई बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति बिना सहारे के चल नहीं सकता, तो उसके साथ आने वाले एक सहायक को भी प्रवेश देने की अपील की गई है।
मानव गुहा ने पूजा समितियों से अनुरोध किया है कि लंबी कतारों की वजह से पंडालों के प्रवेश और निकास मार्ग बाधित न हों, और बुजुर्गों व दिव्यांगों को दर्शन में हर संभव सुविधा दी जाए। विधायक ने बताया कि यह व्यवस्था इस साल प्रयोग के तौर पर शुरू की गई है। इसके अनुभवों को परखकर अगले साल इसमें सुधार किया जाएगा।
स्रोत: न्यूज18 हिंदी


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