लखनऊ में 6 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी देने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 9.50 लाख सरकारी भर्तियां पूरी हो चुकी हैं और एक लाख और भर्तियां करने का वादा भी पूरा हो रहा है। इसके बावजूद कुछ नियुक्ति पत्र तीसरी बार सरकार बनने पर वितरित किए जाएंगे।
मुख्य बातें
- सीएम योगी ने 4,543 पुलिस उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए।
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सवाल उठाए।
- तीसरी बार सरकार बनने पर भी नियुक्ति पत्र बांटने की योजना।
- 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया में सुधार और समान अवसर सुनिश्चित।
- वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने चयन प्रक्रिया की योग्यता आधारित होने की बात कही।
योगी आदित्यनाथ ने भर्तियों पर दी जानकारी
रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस उपनिरीक्षक पद पर चयनित 4,543 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने अभ्यर्थियों से भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, रिश्वत या दबाव के बारे में सवाल पूछे। योगी ने कहा कि आज के उत्तर प्रदेश में इस तरह की बातें संभव नहीं हैं।
भर्ती प्रक्रिया में हुए बदलाव
सीएम ने बताया कि 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो गई है। अब युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलती है, न कि सिफारिश या रिश्वत से। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि 2003 से 2017 के बीच भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और कई मामले न्यायालय में लंबित हैं।
योगी ने यह भी कहा कि यदि न्यायालय ने उन भर्तियों को रद्द किया तो युवाओं के भविष्य पर असर पड़ेगा। उन्होंने उन लोगों की संपत्ति जब्त करने की भी वकालत की, जिन्होंने भ्रष्ट तरीके से नौजवानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया।
सरकार की पहल और भविष्य के लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी थी, तब कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं थी और पुलिस विभाग की स्थिति भी खराब थी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस विभाग की व्यवस्था सुधरी है।
योगी ने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी देने का अभियान बिना रुके जारी रहेगा। अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। आने वाले समय में 25 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का बयान
इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने नवचयनित उपनिरीक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर योग्यता और मेहनत के आधार पर मिला है, न कि सिफारिश या पक्षपात से। खन्ना ने इसे प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बताया।
यह खबर युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की निरंतरता और उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाती है। इससे पता चलता है कि सरकार नौकरी देने के अपने वादे पर लगातार काम कर रही है और भ्रष्टाचार को कम करने की दिशा में भी प्रयास कर रही है।
स्रोत: kharinews.com


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