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बुधवार, 4 नवंबर 2026
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उपभोक्ता आयोग ने सोलर कंपनी की अपील की खारिज, पैनल नहीं लगाना सेवा दोष माना

राशि जमा कराने के बावजूद डेढ़ साल तक नहीं लगाया सोलर प्लांट, कंपनी पर 5 हजार रुपए का हर्जाना भी लगायाजोधपुर । उपभोक्ता से सोलर पैनल लगाने के नाम पर पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्धारित समय में…

उपभोक्ता आयोग ने सोलर कंपनी की अपील की खारिज, पैनल नहीं लगाना सेवा दोष माना
उपभोक्ता आयोग ने सोलर कंपनी की अपील की खारिज, पैनल नहीं लगाना सेवा दोष माना

राशि जमा कराने के बावजूद डेढ़ साल तक नहीं लगाया सोलर प्लांट, कंपनी पर 5 हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया

जोधपुर । उपभोक्ता से सोलर पैनल लगाने के नाम पर पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्धारित समय में पैनल स्थापित नहीं करना सेवा में गंभीर कमी की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर राज्य उपभोक्ता आयोग, जोधपुर पीठ ने बॉम्बे सोलर एंड विंड पावर कंपनी की अपील खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के फैसले को बरकरार रखा है।

प्रकरण संख्या 199/2025 में 3 नवंबर 2026 को पारित आदेश के अनुसार, बिलाड़ा निवासी श्याम चौहान ने नवंबर 2020 में 5 किलोवाट का सोलर पैनल कनेक्शन लगवाने के लिए कंपनी को 1,47,740 रुपए की 100 प्रतिशत राशि जमा करवाई थी। कंपनी ने 90 दिनों के भीतर सोलर प्लांट स्थापित करने का आश्वासन दिया था। इसके साथ ही कंपनी की ओर से गोल्ड ऑफर भी दिया गया था, जिसके तहत प्रत्येक एक किलोवाट पर आधा ग्राम सोना देने की बात कही गई थी। इस योजना के अनुसार उपभोक्ता को ढाई ग्राम सोना मिलना था।

इसके बावजूद कंपनी ने डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी सोलर कनेक्शन स्थापित नहीं किया। उपभोक्ता को बार-बार कंपनी के चक्कर लगाने पड़े। आखिरकार श्याम चौहान ने जमा करवाई गई राशि वापस दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया। जिला आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।

जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए कंपनी को उपभोक्ता की जमा राशि 1,47,740 रुपए 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा अन्य हर्जाने सहित लौटाने के आदेश दिए थे।

जिला आयोग के इस निर्णय को चुनौती देते हुए सोलर कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयोग, जोधपुर पीठ में अपील दायर की। कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि सरकार से अनुदान राशि प्राप्त नहीं होने तथा इस संबंध में उच्च न्यायालय में रिट याचिका लंबित होने के कारण उपभोक्ता के यहां सोलर पैनल स्थापित नहीं किया जा सका।

राज्य आयोग के न्यायिक सदस्य मुकेश एवं सदस्य लियाकत अली ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि कंपनी ने कहीं भी इस बात से इनकार नहीं किया कि उसे उपभोक्ता से राशि प्राप्त नहीं हुई थी। वहीं, कंपनी ऐसा कोई प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो कि उपभोक्ता के यहां सोलर पैनल स्थापित कर दिया गया था।

आयोग ने माना कि उपभोक्ता से पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद सोलर पैनल स्थापित नहीं करना गंभीर सेवा दोष है। यह कृत्य उपभोक्ता के साथ छल करने के समान है। आयोग ने यह भी कहा कि सोलर पैनल स्थापित होने से उपभोक्ता को मिलने वाले संभावित लाभ के संबंध में क्षतिपूर्ति को दूरवर्ती माना जा सकता है।

इन तथ्यों के आधार पर राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिला आयोग के निर्णय को सही ठहराते हुए बॉम्बे सोलर एंड विंड पावर कंपनी की अपील खारिज कर दी तथा कंपनी पर 5,000 रुपए का अतिरिक्त हर्जाना भी लगाया।

प्रकरण में अपीलार्थी कंपनी की ओर से अधिवक्ता सुधीर टाक तथा परिवादी की ओर से अधिवक्ता महेंद्र पारीक उपस्थित हुए।

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