त्योहारी सीजन में बाजार में पहुंचने से पहले पकड़ा संदिग्ध खाद्य पदार्थों का जखीरा, दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 21 नमूने लिए
रसगुल्ला निर्माता फर्म में मिली गंभीर अनियमितताएं, सुधार के लिए जारी होगा इंप्रूवमेंट नोटिस
कोटा। दीपावली के त्योहारी सीजन में आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ सघन अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की। शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल कोटा ने अम्बेडकर नगर कच्ची बस्ती स्थित मातेश्वरी मिल्क प्रोडक्ट्स पर औचक निरीक्षण कर करीब 16 क्विंटल संदिग्ध मावा एवं अन्य मिल्क प्रोडक्ट्स सीज किए। इसके साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर मावा एवं मिठाइयों सहित कुल 21 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
यह कार्रवाई प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेट्री गायत्री राठौर के संरक्षण में तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, जिला कलेक्टर कोटा पीयूष सामरिया एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर के पर्यवेक्षण में खाद्य सुरक्षा दल ने त्योहारी सीजन को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती।
मातेश्वरी मिल्क प्रोडक्ट्स से 1590 किलो संदिग्ध माल सीज
खाद्य सुरक्षा दल को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर अम्बेडकर कॉलोनी कच्ची बस्ती स्थित मातेश्वरी मिल्क प्रोडक्ट्स का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर नंदी ब्रांड स्वीट हलवा 540 किलोग्राम, नंदी ब्रांड इंडियन डेजर्ट 450 किलोग्राम, सोहन मावा 240 किलोग्राम तथा फीका व मीठा मावा 360 किलोग्राम मिला। इस प्रकार कुल 1590 किलोग्राम खाद्य सामग्री को सीज किया गया।
माल के स्वामी ने उक्त उत्पादों का निर्माण सोहन, रिफाइंड तेल, लिक्विड ग्लूकोज, इलायची, मिल्क पाउडर, दूध एवं शुगर से होना बताया। प्रथम दृष्टया खाद्य पदार्थ संदिग्ध प्रतीत होने पर अलग-अलग लॉट से पांच नमूने लेकर शेष 1590 किलोग्राम माल सीज कर फर्म संचालक की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवाया गया।
बीकानेरी रसगुल्ला फर्म में मिली गंभीर खामियां
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा दल ने रावतभाटा रोड स्थित नया गांव में रसगुल्ला निर्माता फर्म बीकानेरी रसगुल्ला का भी निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई एवं स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब पाई गई। दीवारों पर प्लास्टर नहीं था, जिसके कारण रेत एवं मिट्टी फर्श पर गिर रही थी। फर्श अत्यधिक फिसलन भरा होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी।
निरीक्षण के दौरान फूड लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं मिला तथा खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों ने हेयर कैप नहीं पहन रखी थी। मौके पर मेडिकल सर्टिफिकेट एवं पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं करवाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने यहां से रसगुल्ले एवं दूध के दो नमूने संग्रहित किए। फर्म की खराब व्यवस्थाओं को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया जा रहा है। निर्धारित सुधार नहीं होने अथवा संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन क्षेत्रों में भी हुई सघन जांच
खाद्य सुरक्षा दल ने बोरखेड़ा, गुमानपुरा मावा मंडी, केशुपुरा, बजरंग नगर, सिंधी कॉलोनी एवं रावतभाटा रोड सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मावा, मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 21 नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला कोटा भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सक्रियता सराहनीय
दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर बाजार में खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा लगातार निरीक्षण, नमूना संग्रहण एवं संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से पहले सीज करने की कार्रवाई आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों के संचालकों को साफ-सफाई, स्वच्छता एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए पाबंद किया। विभाग द्वारा दूध, मावा, पनीर, मिठाई, तेल, मसाले एवं अन्य खाद्य सामग्री पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अन्य राज्यों से आने वाली बसों एवं ट्रेनों के माध्यम से पहुंचने वाली खाद्य सामग्री पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
विशेष अभियान में इन अधिकारियों की रही सक्रिय भूमिका
इस विशेष कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादौन, मोजीलाल कुंभकार, दीपक यादव, मनीषा रावत, खुशी सिंह, दिव्या संत, भूपेंद्र नगर, विनोद कुमार चोपड़ा, मनीष कुमार पाटीदार एवं श्योपाल जीतरवाल सहित खाद्य सुरक्षा दल के अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
त्योहारी सीजन में लगातार फील्ड में उतरकर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करना, संदिग्ध खाद्य सामग्री की पहचान करना, नमूने संग्रहित करना और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सजगता एवं जिम्मेदारी को दर्शाता है। विभाग की इस मुस्तैदी से मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी तथा आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का उद्देश्य मजबूत होगा।
जिले में खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग एवं मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


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