धीरेन्द्र शास्त्री की रामजी के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी से सियासी और सामाजिक विवाद छिड़ गया है।
धीरेन्द्र शास्त्री की टिप्पणी और उसका संदर्भ
वीडियो में धीरेन्द्र शास्त्री कहते दिखे कि "रामजी के 5 बाप थे।" उन्होंने यह भी कहा कि रामजी ने दशरथ जी के प्राण जाने के बाद उनकी अंत्येष्टि नहीं की थी। हालांकि, वीडियो में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्होंने यह टिप्पणी किस संदर्भ में की है। धीरेन्द्र शास्त्री का यह बयान धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से विवादित माना जा रहा है।
अखिलेश यादव का तीखा रुख
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय हैं। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया, अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्रता की बातें फैल रही हैं। इसके राजनीतिक आकाओं को ये सब मंजूर होगा, हमें अंश मात्र भी स्वीकार्य नहीं है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के अपराध में इसके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं। अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे।"
"ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय है। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया अब भगवान राम के पिता के बारे अभद्रता की बात प्रसारित हो रही है। इसके राजनीतिक आकाओं को ये सब मंजूर होगा, हमें अंश मात्र भी स्वीकार्य नहीं है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के अपराध में इसके सभी कार्यक्रम रद्द किये जाएं। अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे।" — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 3, 2026
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। एडवोकेट अरुण दीक्षित ने लिखा कि "धीरेन्द्र शास्त्री जी के विवादित बयानों पर भाजपा की चुप्पी और दूसरों पर धर्मरक्षा का शोर— ये दोहरा चरित्र अब नहीं चलेगा। सनातन के नाम पर सियासत करने वालों की पर्ची अब जनता निकालेगी, हिसाब भी होगा और जवाब भी।"
अनिरुद्ध यादव ने कहा, "इन भाजपाई से और क्या उम्मीद की जा सकती है। ये संघी चुनावी हिंदू हैं, इन्हें पता है कि अगर कुछ बोलेंगे तो इनकी पोल खुल जाएगी।" मयंक राजपूत ने कहा, "जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक में जाता है।"
धीरेन्द्र शास्त्री ने श्रीकृष्ण को लेकर क्या कहा था?
पहले भी धीरेन्द्र शास्त्री के बयान विवादों में रहे हैं। उन्होंने कथामंच से कहा था कि श्रीराम सीधे खड़े होते हैं, नाम भी सीधा है, लेकिन श्रीकृष्ण की हर फोटो में तीन जगह टेढ़ापन है—पांव पर पांव, कमरिया अलग लटकी है और गर्दन टेढ़ी करके बंसी बजाते हैं। उन्होंने बंसी बजाने को खेल बताया और कहा कि धनुष चलाना कोई खेल नहीं है। उन्होंने दोनों भगवानों के धाम की तुलना करते हुए कहा कि राम का धाम सीधा अयोध्या है और कृष्ण का वृंदावन।
माफी और विवाद का वर्तमान हाल
धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान का वीडियो वायरल होने और विरोध के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों या आधी-अधूरी वीडियो से किसी सनातनी या कृष्ण भक्त की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वे विनयपूर्वक क्षमा चाहते हैं। फिलहाल इस विवाद ने सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर गहरा प्रभाव डाला है।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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