नई दिल्ली: भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) को 48 घंटे से अधिक समय तक चले ऑपरेशन के बाद सफलतापूर्वक छुड़ा लिया। इस कार्रवाई में जहाज पर सवार सभी 20 नाविक सुरक्षित बचाए गए।
मुख्य बिंदु
- अजिनी जहाज पिछले महीने सोमालिया के तट के पास अपहृत हुआ था।
- भारतीय नौसेना और वायुसेना ने मिलकर ऑपरेशन किया।
- C-17 विमान से मरीन कमांडो को एयरड्रॉप किया गया।
- कोई भी नाविक घायल या हताहत नहीं हुआ।
- नौसेना ने समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई।
अजिनी जहाज का अपहरण और खतरा
भारतीय नौसेना के अनुसार, पिछले महीने की शुरुआत में सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी का अपहरण कर लिया था। इससे समुद्री सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। नौसेना को आशंका थी कि इस जहाज का उपयोग लुटेरे ‘मदर शिप’ के रूप में कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमले हो सकते थे।
नौसेना और वायुसेना का संयुक्त अभियान
स्थिति को देखते हुए भारतीय नौसेना ने तुरंत एक युद्धपोत को कार्रवाई के लिए भेजा। इसके साथ ही समुद्री निगरानी विमान ने भी सहायता दी। दोनों ने मिलकर जहाज का पता लगाया और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। जहाज की आवाजाही को सीमित करने और भागने से रोकने के लिए गैर-घातक उपाय अपनाए गए।
इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से मरीन कमांडो का सटीक एयरड्रॉप किया गया। इसके बाद नौसेना ने तेजी से कार्रवाई करते हुए जहाज को वापस अपने नियंत्रण में ले लिया और समुद्री लुटेरों को बेअसर किया। सभी 20 क्रू मेंबर्स की सुरक्षित रिहाई की गई।
समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता
भारतीय नौसेना ने कहा कि वह समुद्री यात्रियों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिर समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान इस प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह ऑपरेशन समुद्री सुरक्षा के लिए भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। समुद्री लुटेरों से निपटना क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार के लिए आवश्यक है। ऐसे अभियान समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा बढ़ाते हैं और समुद्री यात्रियों के लिए सुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।


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