नई दिल्ली। सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तहलका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार की सजा बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टल गई है। अब यह सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली
सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने दीपावली के मौके पर तेजपाल को घर जाने की अनुमति देने का आग्रह किया। हालांकि, गोवा सरकार ने इस मांग का विरोध किया। कोर्ट ने फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं किया।
हाईकोर्ट की सजा और सुप्रीम कोर्ट की याचिका
6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 2013 में एक होटल की लिफ्ट में जूनियर सहयोगी के साथ दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट ने उन्हें 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके खिलाफ तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने सजा को चुनौती दी है। इस याचिका पर 25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया था और गोवा सरकार से जवाब मांगा था।
सरेंडर और कोर्ट की कार्रवाई
14 सितंबर को तेजपाल ने गोवा की एक अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल भेजा गया। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की सजा के कुछ हफ्ते बाद सरेंडर किया।
सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर की सुनवाई में इस मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर तक के लिए टाल दी थी, लेकिन अब यह सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
स्रोत: deshbandhu.co.in


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।