Maheka Sansar
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
Maheka Sansar — यहाँ विज्ञापन दें
Maheka Sansar — यहाँ विज्ञापन दें

पश्चिम एशिया की आग और भारत की ऊर्जा सुरक्षा: राहत अस्थायी, तैयारी स्थायी हो

ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के करीब और होर्मुज में जहाजों पर हमलों के बीच रूसी तेल पर अमेरिकी छूट से राहत, पर दीर्घकालिक रणनीति जरूरी

पश्चिम एशिया की आग और भारत की ऊर्जा सुरक्षा: राहत अस्थायी, तैयारी स्थायी हो
अमेरिका, भारत और रूस के झंडों का प्रतीकात्मक चित्र (फोटो: अमर उजाला)

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने एक बार फिर याद दिलाया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक ऊर्जा बाजार की उथल-पुथल से कितनी जुड़ी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में इस सप्ताह कई वाणिज्यिक जहाजों और टैंकरों पर हमले हुए और ब्रेंट कच्चा तेल कारोबार के दौरान 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमलों और उड़ानों पर रोक जैसी खबरों ने चिंता और गहरी की है।

इसी बीच अमेरिका द्वारा रूस से जुड़े प्रतिबंध कानून के तहत अतिरिक्त शुल्कों में छूट को उद्योग जगत ने भारत के लिए राहत बताया है। प्रतिस्पर्धी कीमत पर रूसी तेल की लगातार उपलब्धता से लागत नियंत्रित रहेगी और निर्यातकों पर मंडरा रहा जोखिम टलेगा। फिर भी विशेषज्ञ खुद इसे अस्थायी राहत मान रहे हैं, क्योंकि ऐसी छूट वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों पर निर्भर रहती है।

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की हर बड़ी उछाल का असर महंगाई, चालू खाते के घाटे और रुपये पर पड़ता है। त्योहारी मौसम में अगर ईंधन और माल ढुलाई महंगी होती है, तो उसका बोझ अंततः आम उपभोक्ता उठाता है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती दोहरी है: तात्कालिक झटकों से जनता को बचाना और दीर्घकालिक निर्भरता घटाना।

इसके लिए आपूर्ति स्रोतों में विविधता, रणनीतिक भंडार की क्षमता बढ़ाना, जैव ईंधन, सौर और हरित हाइड्रोजन जैसे विकल्पों में निवेश तेज करना और सार्वजनिक परिवहन व ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना जरूरी है। कूटनीति के मोर्चे पर भी संतुलन बनाए रखना होगा, ताकि किसी एक देश या मार्ग पर अत्यधिक निर्भरता संकट के समय कमजोरी न बने।

राहत की हर खबर स्वागतयोग्य है, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा का स्थायी समाधान बाहरी छूटों से नहीं, आंतरिक तैयारी से ही निकलेगा।

— महका संसार डेस्क

यह खबर शेयर करें
व
विचार डेस्क · संपादकीय डेस्क

विचार डेस्क आपके लिए Maheka Sansar न्यूज़रूम से ताज़ा खबरें लेकर आता है।

विचार डेस्क की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।