डा.के.सी.मेहता विश्वप्रसिद्ध घुटना प्रत्यारोपण के डॉक्टर है इन्होंने कई देशों में अपनी सेवाएं दी है और यू.एस.ए, यू.के, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, चीन, भारत, इंडोनेशिया और मलेशिया सहित कई देशों में दस ग्लोबल पेटेंट हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशसित किया गया है।
जोधपुर। चंद्रा नी क्लिनिक और मैरिंगो सिम्स हॉस्पिटल, अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर में 360° नी क्लिनिक के शुभारंभ के अवसर पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है। वह अभिनव पहल राजस्थान में घुटने और जोड़ संबंधी उक्त चिकित्सा सुविधाए प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां एक ही स्थान पर समग् सुविधाएं उपलब्ध होगी।
दुनिया के सबसे अनुभवी एवं प्रसिद्ध नी रिप्लेसमेन्ट सर्जनों में से एक डॉ. के. सी. मेहता ने अपनी प्रतिष्ठित मेडिकल टीम का स्वागत करते हुए कहा कि हमें गर्व हो रहा है कि यह रणनीतिक कदम ऑर्थोपेडिक उत्कृष्टता में एक नए युग का प्रतीक है, जो मरीज को सर्वोपरि, वैश्विक रूप से बेंचमार्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के मैरिगो सिम्स हॉस्पिटल के दृष्टिकोण के साथ अभूतपूर्व इनोवेशन को जोड़ता है।
डॉ. मेहता को अपने द्वारा घुटने के जोड़ को डिजाइन करने और यू.एस.ए, यू.के, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, चीन, भारत, इंडोनेशिया और मलेशिया सहित कई देशों में दस ग्लोबल पेटेंट हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशसित किया गया है। ऑडट रिप्लेसमेन्ट इंडस्ट्री में एक प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनी द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार, डॉ मेहता को कुसिएट-रिटेनिंग हाई फ्लेक्स जॉइंट रिप्लेसमेन्ट सर्जरी में अग्रणी वैश्विक विशेषज्ञों में से एक माना जाता है एक ऐसी तकनीक जो अधिक मोबिलिटी और तेजी से रिकवरी को सक्षम करने के लिए प्रसिद्ध है।
एक प्रमुख तकनीकी उपलब्धि में, डॉ. मेहता को हाल ही में भारत के पश्चिमी क्षेत्र में पीटर ब्रेडम, जर्मनी के एडवांस्ड BPK-S सिरेमिक घुटने (नी) को प्रत्यारोपित करने वाले पहले सर्जन के रूप में मान्यता दी गई थी। यह अगली पीढ़ी का सिरेमिक नी अपने असाधारण गुणों के लिए जाना जाता है मिनिमल पॉलीवियर और संक्रमण के सामने बहेतर प्रतिरोध-जो इसे आर्थोपेडिक प्रत्यारोपण टेक्नॉलोजी मे सफल बनाता है। इसके साथ वह एशिया पेसिफिक क्षेत्र में एट्यून ऑल पॉली नी इम्प्लान्ट का उपयोग करने वाले प्रथम सर्जन बन गए हैं, जिससे भारत में आर्थोपेडिक प्रगति में अग्रणी डॉ. मेहता की भूमिका और भी मजबूत हो गई है।
नैदानिक परिणामों में एक दुर्लभ बेंचमार्क स्थापित करते हुए, डॉ. मेहता ने मरीजों को बिना पोस्टऑपरेटिव फिजियोथेरेपी की आवश्यकता हुए हजारों सफल नी रिप्लेसमेन्ट सर्जरी की हैं। यह विशिष्ट दृष्टिकोण मरीज़ की असुविधा को काफी कम करता है, ठीक होने का समय कम करता है, और समग्र स्वास्थ्य देखभाल लागत को कम करता है। पिछले कुछ वर्षों में, उन्होंने यु.एस.ए, यु.के, जर्मनी, केनेडा, दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर, तुर्की, श्रीलंका और केन्या सहित 25 से अधिक देशो के मरीज़ों का इलाज किया है।
डा.के.सी.मेहता ने कई देशों में दी है सेवाएं
डॉ. मेहता के करियर में लिवरपूल के फेजकरले अस्पताल, काउंटेस ऑफ चेस्टर अस्पताल, क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल और लंदन नी क्लिनिक जैसे कई प्रसिद्ध यूके संस्थानों में प्रतिष्ठित कार्यकाल शामिल हैं। भारत में, उन्होंने चंद्रा नी क्लिनिक में चौफ नी सर्जन और अहमदाबाद के अपोलो अस्पताल में नी प्रोग्राम डायरेक्टर के रूप में काम किया है। अपने नैदानिक अभ्यास से परे, डॉ. मेहता एक समर्पित फ़िलेंथ्रोपिस्ट भी है, जो अपने पिता चंद्रशंकर मेहता, जिन्हें 1977 में सौर कुकर का आविष्कार करने का श्रेय भी दिया गया था, उनकी स्मृति में स्थापित एक ट्रस्ट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा और शैक्षिक पहलु पे ध्यान दिया गया है।
डॉ. मेहता के संवाद में एक प्रमुख संदेश यह रहा कि उनकी तकनीक के माध्यम से घुटने की सर्जरी के बाद मरीजो को फिजियोथेरेपी की आवश्यकता नहीं पड़ती जो कि एक अद्वितीय उपलब्धि है। साथ ही, उनके क्लिनिक में संक्रमण दर विश्व में सबसे कम मानी जाती है। जोधपुर में शुरू की गई 360° नी क्लिनिक, नवीनतम तकनीक, कुशल सर्जरी ओर सहानुभूतिपूर्ण देखभाल के समन्वय से घुटनों और जोड़ों की समस्याओं से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान सिद्ध होगी।