हजरत सैय्यद मोईन अशरफ अल जिलानी की सरपरस्ती में हुआ कार्यक्रम, किछौछा शरीफ से तशरीफ लाए हुजूर मुहाफिज-ए-मिल्लत सैय्यद मोहम्मद समदानी मियां
जोधपुर। शहर के मदेरणा कॉलोनी स्थित दरगाह चौक में गोसे आजम कमेटी दरगाह चौक, मदेरणा कॉलोनी की जानिब से आज शाने सहाबा-ए-किराम इस्लाह-ए-मुआशरा कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम हजरत सैय्यद मोईन अशरफ अल जिलानी साहब की सरपरस्ती में आयोजित हुआ। कॉन्फ्रेंस में धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श के साथ समाज में आपसी भाईचारे, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के किछौछा शरीफ से आले नबी, औलाद-ए-अली, शहजादे गौसे आजम तथा नबीर-ए-हुजूर मुहद्दिस-ए-आजम-ए-हिंद साहबजादे गाजी-ए-मिल्लत हुजूर मुहाफिज-ए-मिल्लत सैय्यद मोहम्मद समदानी मियां अशरफी अल जिलानी साहब ने शिरकत की। उनके तशरीफ लाने से कार्यक्रम को विशेष धार्मिक महत्व मिला।
धार्मिक मार्गदर्शन और सामाजिक सुधार पर रहा जोर
शाने सहाबा-ए-किराम इस्लाह-ए-मुआशरा कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य सहाबा-ए-किराम की अजमत और उनके धार्मिक योगदान को याद करने के साथ समाज में अच्छे आचरण, आपसी प्रेम, सद्भाव और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस्लाह-ए-मुआशरा अर्थात समाज सुधार की भावना के अनुरूप इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने, नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने तथा आपसी संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
गोसे आजम कमेटी की जानिब से आयोजन
गोसे आजम कमेटी दरगाह चौक, मदेरणा कॉलोनी की जानिब से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक विषयों पर लोगों को एक मंच पर एकत्रित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किछौछा शरीफ से पहुंचे हुजूर मुहाफिज-ए-मिल्लत सैय्यद मोहम्मद समदानी मियां अशरफी अल जिलानी साहब की मौजूदगी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।
(नोट: कार्यक्रम में दिए गए तकरीरों के प्रमुख संदेश, अन्य उलेमा एवं अतिथियों के नाम, कमेटी पदाधिकारियों के विवरण और उपस्थित जायरीनों की जानकारी उपलब्ध होने पर खबर में शामिल की जा सकती है।


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