प्रिशा नेगी ने किया देश और शहर का नाम रोशन, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे हुआ नाम दर्ज

प्रिशा ने छोटी उम्र से अब तक कई रिकॉर्ड करवाए दर्ज

जिनके इरादे हो मजबूत, वहां ना कोई उम्र का बंधन होता है ना ही कोई मजबूरी, सफलता उनके कदम चूमती है

प्रिशा के माता-पिता ने उसकी इच्छा पूरी करने के लिए जुगाड़ का स्केटिंग सेट लाकर दिया

जोधपुर। अगर आपकी इच्छा शक्ति मजबूत है तो ना उम्र का कोई बंधन होता है ना ही कोई बहाना होता है सफलता आपके कदम चूमती है जोधपुर में अद्भुत प्रतिभा की धनी प्रिशा नेगी ने इस बात को साकार किया है जिससे जोधपुर ही नही पूरे देश और प्रदेशवासियों को प्रिशा पर गर्व है।

11 माह की उम्र से ही शुरू हुआ था कामयाबी का सफर

प्रिशा ने मात्र 11 महीने की उम्र से ही अपने नाम को सार्थक कर दिया था जब उसने फैंसी ड्रेस कंपटीशन और फोटोजेनिक फेस में प्रथम स्थान हासिल किया था साथ ही जब वह लगभग 19 महीने की थी तो उसने पहली बार अपने माता-पिता के सामने स्केटिंग सीखने की इच्छा जाहिर की इतनी छोटी उम्र में बच्चों को खेलने के अलावा और कोई काम नही होता है लेकिन प्रिशा ने उस समय से ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे इतनी छोटी उम्र के बच्चों के लिए स्केटिंग मार्केट में उपलब्ध नहीं होते हैं फिर भी प्रिशा के माता-पिता ने उसकी इच्छा पूरी करने के लिए जुगाड़ का स्केटिंग बनवाकर दिया और लगभग 1 महीने बाद प्रिशा ने स्टेट लेवल कंपटीशन में भाग लेकर गोल्ड मेडल प्राप्त कर लिया यही से प्रिशा की नई यात्रा शुरू हो गई जो अब तक जारी है

प्रिशा के माता-पिता और नाना के प्रोत्साहन से ही मिली कामयाबी

प्रिशा के माता-पिता ने ओलंपिक में देश के लिए मेडल लाने हेतु तैयारी करनी शुरू कर दी थी कोरोना काल में अपने नाना के प्रोत्साहन से प्रिशा ने इस टैलेंट का रिकॉर्ड बनाने की ठानी और नाना के इस आईडिया से प्रिशा को और एक नई दिशा मिल गई इसी के फलस्वरुप प्रिशा ने अब तक वर्ष 2021 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व 2021 में एशिया रिकॉर्ड और साल 2022 में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया है।

गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की तैयारी की शुरू

वर्ष 2022 में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के बाद प्रिशा का अगला लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का था और लगभग 380 दिनों के प्रयास और कड़ी मेहनत एवं अभ्यास के बाद मई 2023 में प्रिशा ने इनलाइन स्केटिंग विद हुलाहूप रोटेशन के 231 रोटेशन का रिकॉर्ड तोड़ दिया यह रिकॉर्ड चीन की 22 वर्ष लड़की का कई वर्षों से कायम था इसको 231 रोटेशन से तोड़ते हुए यह रिकॉर्ड मात्र 9 साल की उम्र में 200 रोटेशन कर भारत के नाम कर सबको गोरांवित कर दिया उन 380 दिनों में चाहे सर्दी हो चाहे गर्मी या फिर बारिश फिर भी प्रिशा ने अपना अभ्यास नहीं रोका और आज प्रिशा ने इतिहास रच दिया।

और भी कई रिकॉर्ड है प्रिशा के नाम

प्रिशा अन्य स्पोर्ट्स गतिविधियों में भी आगे रही है वह खाली समय में बैडमिंटन और शूटिंग जैसे गेम्स में भी भाग लेती है प्रिशा और उसके परिवार का सपना है कि वह एक दिन भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीते इसके लिए प्रिशा अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है।

परिवार के सदस्यो का परिचय

प्रिशा के नाना राम प्रकाश मालपानी जोधपुर में बिजनेसमैन है प्रिशा उन्हें ही अपना आदर्श मानती है प्रिशा के दादा आर्मी ऑफिसर है, मदर प्रीति मालपानी होम मेकर है और अपने दोनों बच्चों के साथ ही अपना समय बिताती है पिता सुशील सिंह नेगी आइसीआइसीआइ बैंक में जोनल हेड है प्रिशा का छोटा भाई धुर्वा नेगी भी अपने बहन के नक्शे कदम पर चल रहे हैं वह भी अगले माह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की दिशा में अग्रसर है सफलता एक मंजिल नहीं बल्कि एक लगातार चलने वाली यात्रा है जो कभी नहीं रुकती अपनी मेहनत और सभी के आशीर्वाद से इस वर्ष प्रिशा एक नया गिनीज रिकॉर्ड कायम करने जा रही है प्रिशा अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच कपिल गहलोत, अजीत सिंह राठौड़, कोच दीपक सैनी और अपने मामा जो कि उसके मेंटर भी है उनको समर्पित करती है इसके साथ ही प्रिशा उन सभी लोगों को धन्यवाद देती है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस सफलता में भागीदार रहे प्रिशा की शानदार सफलता पर जोधपुर ही नही पूरे देश को गर्व है और एक दिन प्रिशा देश के लिए ओलंपिक सहित कई मेडल भी लाएगी ।