बागेश्वर, 4 नवंबर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करने वाले बयान पर विवाद शुरू हो गया है। इस विवाद के बीच प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन करते हुए कहा कि उनका बयान अपमान के लिए नहीं, बल्कि भक्तों के बीच हंसी-मजाक और विनोद के भाव में था।
राम और कृष्ण एक ही परमात्मा के रूप
अनिरुद्धाचार्य जी ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों एक ही परमात्मा के रूप हैं, जिन्होंने अलग-अलग युगों में अपनी-अपनी लीलाओं के लिए प्राकट्य किया। उन्होंने बताया कि अयोध्या के भक्त श्रीराम को और वृंदावन के भक्त श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानते हैं। दोनों समुदायों के बीच भक्तिभाव से जुड़ी हास्य-विनोद वाली बातचीत सामान्य है। धीरेंद्र शास्त्री का बयान भी इसी संदर्भ में था।
श्रीकृष्ण के त्रिभंगी स्वरूप की कहानी
अनिरुद्धाचार्य ने एक पौराणिक कथा सुनाई जिसमें वृंदावन के कृष्ण भक्त को किसी ने कहा कि "तुम्हारे कन्हैया तो तीन जगह से टेढ़े हैं, हमारे रामजी सीधे हैं।" यह सुनकर भक्त अयोध्या जाने लगा। रास्ते में कृष्ण ग्वाले के रूप में प्रकट हुए और एक कुएं में फंसी बाल्टी निकालने में मदद की। बाल्टी निकालने के लिए उन्होंने लोहे की छड़ को मोड़कर हुक बनाया, जिससे बाल्टी बाहर आ गई। इस घटना से भक्त को समझ आया कि कन्हैया का टेढ़ा स्वभाव जीवन की मुश्किलों को सुलझाने के लिए आवश्यक है।
धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान
धीरेंद्र शास्त्री ने एक कथा में कहा था कि श्रीकृष्ण हर फोटो में इधर-उधर देखते हैं और तीन जगह से टेढ़े होते हैं, जबकि श्रीराम सीधे खड़े, सीधे दिखते और चलते हैं। उनका नाम भी सीधा है। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और कुछ कृष्ण भक्तों ने आपत्ति जताई। इसके बाद संत समाज से सफाई और समर्थन के बयान सामने आ रहे हैं।
स्रोत: tv9hindi.com


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