मुंबई में 5 नवंबर को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई नसीहत का भाजपा और शिवसेना के नेताओं ने समर्थन किया है। भाजपा विधायक राम कदम और शिवसेना नेता शायना एनसी ने राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की छवि विदेशों में खराब करने का प्रयास राहुल गांधी करते हैं।
भाजपा विधायक राम कदम की प्रतिक्रिया
राम कदम ने किरेन रिजिजू की सलाह को सही बताते हुए कहा कि राहुल गांधी जिस तरह राजनीति कर रहे हैं, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि राहुल गंभीरता से राजनीति नहीं करते और विदेश यात्राओं के दौरान भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश करते हैं।
इसके साथ ही राम कदम ने केंद्र सरकार के अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार का सराहनीय कदम है जो देश की सुरक्षा और युवाओं के हित में है। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने अग्निवीर योजना की शुरुआत में आलोचना की थी, लेकिन सरकार ने इसे लागू कर देश की सेवा को प्रोत्साहित किया।
नशे के मुद्दे पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में राम कदम ने कहा कि उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी नहीं है और इस मामले में शामिल लोग बेहतर जानते होंगे। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विमान में शराब पीने के आरोप का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा देश उस घटना को देख चुका है।
शिवसेना नेता शायना एनसी का बयान
शायना एनसी ने भी किरेन रिजिजू की सलाह का समर्थन करते हुए राहुल गांधी को 'पर्यटक सांसद' बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आमतौर पर विदेश यात्राओं और छुट्टियों पर रहते हैं और चुनाव के समय ही भारत में दिखाई देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि राजनीति प्रदर्शन और काम के आधार पर होती है और एक जनप्रतिनिधि को लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
पंजाब में नशे की समस्या पर शायना एनसी ने कहा कि नशामुक्त प्रदेश बनाना जरूरी है ताकि युवा नशे की लत से बच सकें। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से समाधान नहीं होगा, इसके लिए स्पष्ट विजन और ठोस योजना बनानी होगी। अगर किसी के पास नशे और शराब के सेवन को कम करने की रणनीति नहीं है, तो वह प्रभावी नेतृत्व कैसे कर सकता है।
राजनीति और देश की छवि का महत्व
इस विवाद में भाजपा और शिवसेना नेताओं ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर देश की छवि खराब करने के आरोप लगाए हैं, जबकि विपक्षी नेता की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। केंद्र सरकार के अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का भी समर्थन किया गया है, जो देश की सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
यह मुद्दा राजनीतिक बहसों को नया आयाम देता है क्योंकि देश की छवि और राजनीतिक कार्यशैली दोनों पर बहस जारी है। साथ ही पंजाब में नशे की समस्या को लेकर ठोस योजना की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
स्रोत: kharinews.com


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