नई दिल्ली। 27 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई अहम फैसले लिए। इनमें 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च' (विस्तार) योजना को मंजूरी देना और अग्निवीरों के लिए नियमित भर्ती का नया रास्ता खोलना शामिल है।
विस्तार योजना से डेटा प्रबंधन और शोध को बढ़ावा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि विस्तार योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी। इसका मकसद संसाधनों का बेहतर और लचीला उपयोग कर बड़े स्तर पर सर्वेक्षणों का संचालन करना, नई शोध तकनीकों को विकसित करना और राष्ट्रीय डेटा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
खनिज प्रसंस्करण के लिए कैपेक्स स्कीम
मंत्रिमंडल ने लिथियम और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स सपोर्ट स्कीम को मंजूरी दी है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और विशेष स्टील जैसे क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।
ऊर्जा भंडारण के लिए 14,500 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए 14,500 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना को भी मंजूरी दी है। इससे 92 गीगावॉट-घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित होगी, जो नवीकरणीय ऊर्जा को बिजली ग्रिड से जोड़ने और चौबीसों घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
अग्निवीरों के लिए नियमित भर्ती का नया रास्ता
जयशंकर ने बताया कि अग्निवीरों के लिए रक्षा सेवाओं में शामिल होने के नए नियम बनाए गए हैं। अब 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सीधे नियमित नौकरी का मौका मिलेगा। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि रखी जाएगी, जिसके बाद इच्छुक और मानक पूरे करने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को अधिक अवसर देना है।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की योजना जारी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेप और पॉक्सो मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स की केंद्र प्रायोजित योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। ये अदालतें यौन अपराधों के पीड़ितों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती हैं।
सरकार के उद्देश्य और असर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि इन फैसलों का उद्देश्य देश में डेटा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण, रक्षा बलों में रोजगार के अवसर और न्याय व्यवस्था को मजबूत करना है। ये कदम आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और न्याय क्षेत्रों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
"इन फैसलों का उद्देश्य देश में डेटा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण, रक्षा बलों में रोजगार और महिलाओं एवं बच्चों को न्याय दिलाने की व्यवस्था को मजबूत करना है।" – एस. जयशंकर
स्रोत: deshbandhu.co.in


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