सीवान जेल में सुबह 4 बजे शुरू हुई अचानक छापेमारी
बिहार के सीवान जिले में गुरुवार सुबह लगभग 4 बजे जिला मजिस्ट्रेट विजय प्रकाश मीणा के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सीवान मंडल कारा में औचक निरीक्षण किया। यह जांच करीब चार घंटे तक चली, जिसमें जेल के सभी बैरकों, सेल और अन्य हिस्सों की विस्तार से तलाशी ली गई।
तलाशी में क्या मिला और सुरक्षा व्यवस्था का हाल
छापेमारी के दौरान पुलिस को कोई मोबाइल फोन या हथियार नहीं मिले, लेकिन कुछ मोबाइल बैटरियां और घड़ी के स्ट्रिप जैसे छोटे सामान बरामद हुए। डीएम विजय प्रकाश मीणा ने बताया कि जेल की कुल क्षमता से कैदियों की संख्या 10-20% अधिक है, फिर भी साफ-सफाई, मेडिकल सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक हैं।
मेडिकल सुविधाओं और खान-पान की जांच
जेल के अस्पताल, आईसीडी और एचआईवी वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। मेडिकल टीम को निर्देश दिए गए हैं कि डॉक्टरों की ड्यूटी रोटेशन प्रणाली लागू की जाए। कैदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए फूड इंस्पेक्टर से भी औचक निरीक्षण करवाने का फैसला लिया गया है।
सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और नए निर्देश
जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की समीक्षा की गई और जहां आवश्यकता पाई गई, वहां अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। इससे जेल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
नई SOP के तहत नियमित छापेमारी
सीवान जेल प्रशासन ने सुरक्षा में सुधार के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया है। इसके तहत अब अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) और उप-मंडल अधिकारी (एसडीएम) स्तर के अधिकारी बिना पूर्व सूचना के नियमित औचक छापेमारी करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रतिबंधित सामान मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
"जेल की सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्रवाई और निरीक्षण जारी रहेंगे।" - DM विजय प्रकाश मीणा
स्रोत: hindi.asianetnews.com


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