देश के विभिन्न हिस्सों में 29 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर कई राजनीतिक नेताओं ने अपने परिवार के साथ व्रत रखकर और पूजा-अर्चना कर परंपरा निभाई। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी पत्नी कमलेश ठाकुर ने भी यह पर्व मनाया।
करवा चौथ पर नेताओं ने कैसे मनाई परंपराएं?
शिमला में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की पत्नी साधना ठाकुर ने व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना की। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के आवास पर भी उनकी पत्नी ने व्रत रखा और चांद निकलने पर पूजा कर व्रत खोला। इस दौरान परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और विश्वास की भावना दिखाई दी।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान ने भी चांद के दर्शन करके व्रत खोला और परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया। दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल और सांसद मनोज तिवारी ने भी अपने परिवार के साथ करवा चौथ मनाया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्नी गीता धामी के साथ इस पर्व को पारंपरिक तरीके से मनाया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर भी करवा चौथ का आयोजन हुआ, जिसमें भाजपा सांसद रवि किशन शामिल हुए।
रवि किशन ने क्या कहा?
रवि किशन ने बताया कि उन्होंने इस दिन खाने से परहेज किया और केवल कॉफी तथा पानी लिया। उन्होंने कहा,
"अगले वर्ष से मैं अपनी पत्नी के साथ बिना पानी पिए व्रत रखने का प्रयास करूंगा।"
उनकी पत्नी ने बताया कि लखनऊ में बारिश के कारण चांद नजर नहीं आ रहा था, इसलिए व्रत खोलने को लेकर कुछ असमंजस था। उन्होंने पूजा कर ली थी, लेकिन चांद दिखाई देने तक व्रत जारी रहता है। चूंकि रवि किशन ने भी व्रत रखा था, इसलिए उनके खाने के लिए व्रत खोला गया।
करवा चौथ का महत्व और परंपराएं
करवा चौथ व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं दिनभर उपवास रखती हैं और रात को चांद के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। देश के कई हिस्सों में राजनीतिक नेता और उनके परिवार भी इस त्योहार को पारिवारिक और धार्मिक भावना से मनाते हैं।
स्रोत: kharinews.com


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