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सोमवार, 2 नवंबर 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर ग्रीन पटाखों के लिए तय की सुबह-शाम जलाने की टाइमिंग

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर 7-8 नवंबर को सुबह 6-7 बजे और शाम 8-10 बजे ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर ग्रीन पटाखों के लिए तय की सुबह-शाम जलाने की टाइमिंग

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर 7 और 8 नवंबर को सुबह 6-7 बजे और शाम 8-10 बजे ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है।

क्या सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखों को लेकर नया आदेश दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दीपावली के अवसर पर 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाने की विशेष अनुमति दी है। कोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को दिए आदेश में कहा कि ग्रीन पटाखे सुबह 6 से 7 बजे और शाम 8 से 10 बजे तक जलाए जा सकते हैं। यह फैसला प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है, क्योंकि पहले लगाए गए बैन के बावजूद पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल और स्कूल के पास पटाखा जलाने पर क्या कहा?

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, बुजुर्गों के घर और शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के आस-पास पटाखे जलाना प्रतिबंधित होगा। इसके साथ ही स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास भी पटाखे जलाने पर रोक रहेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि पटाखों से बीमार लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसलिए नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

ग्रीन पटाखों की बिक्री और निर्माण के लिए क्या नियम बनाए गए?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, केवल वे ग्रीन पटाखे बनाए और बेचे जा सकेंगे जिन्हें CSIR-NEERI और PESO से मंजूरी मिली हो। 2 से 6 नवंबर के बीच इन्हें बनाया जा सकेगा, बशर्ते वे निर्धारित मानकों पर खरे उतरें। पटाखों के डिब्बे पूरी तरह सील और एक खास QR कोड वाले होंगे, जिससे निर्माता और लाइसेंस की जानकारी मिल सके। कोर्ट ने पटाखों की लड़ियां और माला बनाने व बेचने पर भी प्रतिबंध लगाया है। बिना मंजूरी वाले या बेरियम युक्त पटाखों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

पटाखों की बिक्री के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?

दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री केवल प्रशासन द्वारा तय की गई जगहों पर ही होगी। अन्य जगह बेचने पर रोक रहेगी। ऑनलाइन बिक्री पर भी प्रतिबंध जारी रहेगा। जिन दुकानदारों के लाइसेंस पहले रद्द हुए थे, उन्हें 4 से 6 नवंबर के बीच कुछ शर्तों के साथ अस्थायी बिक्री की अनुमति मिल सकती है, लेकिन नियम तोड़ने पर उनका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाहर से आने वाले वाहनों की जांच कर गैरकानूनी पटाखों की सप्लाई रोकी जाए।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य बोर्डों को दिवाली से पहले, दौरान और बाद में हवा की गुणवत्ता की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। 2 से 6 नवंबर की रिपोर्ट दिवाली से पहले की, 7 और 8 नवंबर की अलग और 9 से 30 नवंबर तक की रिपोर्ट दिवाली के बाद के हालात की होगी। इसके अलावा, प्रदूषण के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि के आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।

दिवाली के बाद पटाखों पर क्या स्थिति रहेगी?

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन पटाखों की छूट केवल अस्थायी है और 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा। दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को आदेशों के पालन और प्रदूषण की रिपोर्ट 14 दिसंबर तक सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी होगी। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने जनता से क्या अपील की है?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिवाली खुशियों का त्योहार है, लेकिन प्रदूषण से लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाना त्योहार की भावना के खिलाफ है। कोर्ट ने फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों और अन्य प्रसिद्ध लोगों से भी अपील की है कि वे सुरक्षित और प्रदूषण कम करने वाली दिवाली मनाने के लिए जागरूकता बढ़ाएं। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल आदेशों से संभव नहीं है, इसके लिए सरकार, प्रशासन, दुकानदार और आम जनता को मिलकर काम करना होगा।

स्रोत: indiatv.in

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